Correct Answer:
Option C - ‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’’ इति अथर्ववेदस्य उद्धरणम् अस्ति।
अर्थात् - ‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’’ यह कथन अथर्ववेद का है।
‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या: पर्जन्य: पिता स३ न : पिपर्तु।।’’ – अथर्ववेद 12 वाँ काण्ड ‘भूमि’ ‘सूक्त’ 4.12.
यह भूमि हमारी माता है और हम सब इसके पुत्र है ‘पर्जन्य’ अर्थात् मेघ हमारे पिता है। ये दोनों मिलकर हमारा ‘‘पिपर्तु’’ अर्थात् पालन करते हैं।
यह मन्त्र पृथ्वी सूक्त से लिया गया है। जिसके मन्त्र द्रष्टा = ऋषि अथर्वा है।
C. ‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’’ इति अथर्ववेदस्य उद्धरणम् अस्ति।
अर्थात् - ‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’’ यह कथन अथर्ववेद का है।
‘‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या: पर्जन्य: पिता स३ न : पिपर्तु।।’’ – अथर्ववेद 12 वाँ काण्ड ‘भूमि’ ‘सूक्त’ 4.12.
यह भूमि हमारी माता है और हम सब इसके पुत्र है ‘पर्जन्य’ अर्थात् मेघ हमारे पिता है। ये दोनों मिलकर हमारा ‘‘पिपर्तु’’ अर्थात् पालन करते हैं।
यह मन्त्र पृथ्वी सूक्त से लिया गया है। जिसके मन्त्र द्रष्टा = ऋषि अथर्वा है।