Correct Answer:
Option D - ऐच्छिक पेशियाँ अस्थियों से जुड़ी रहती है अत: इन्हे कंकाल माँसपेशियाँ भी कहते हैं। ये पेशियाँ मनुष्य के इच्छाशक्ति के नियंत्रण में रहती है इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते हैं। प्रत्येक पेशीय कोशिका बहुकेन्द्रीय होती हैं। अधिक व्यायाम या कार्य से इनमें लैक्टिक अम्ल का निर्माण हो जाता है, जिससे थकान महसूस होने लगती है। ये पेशियाँ मुख्य रूप से हाथ, पैर, गर्दन आँख आदि में पायी जाती हैं। ऐच्छिक पेशियाँ मस्तिष्क या रीढ़ रज्जू के नियन्त्रण में कार्य करती है।
D. ऐच्छिक पेशियाँ अस्थियों से जुड़ी रहती है अत: इन्हे कंकाल माँसपेशियाँ भी कहते हैं। ये पेशियाँ मनुष्य के इच्छाशक्ति के नियंत्रण में रहती है इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते हैं। प्रत्येक पेशीय कोशिका बहुकेन्द्रीय होती हैं। अधिक व्यायाम या कार्य से इनमें लैक्टिक अम्ल का निर्माण हो जाता है, जिससे थकान महसूस होने लगती है। ये पेशियाँ मुख्य रूप से हाथ, पैर, गर्दन आँख आदि में पायी जाती हैं। ऐच्छिक पेशियाँ मस्तिष्क या रीढ़ रज्जू के नियन्त्रण में कार्य करती है।