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Q: मौर्यकाल में शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केन्द्र था -
  • A. वैशाली
  • B. नालन्दा
  • C. तक्षशिला
  • D. उज्जैन
Correct Answer: Option C - मौर्यकाल में तक्षशिला शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र था। इस बात की पुष्टि बौद्ध ग्रंथों तथा चीनी यात्रियों के वृतान्तों से होती है। कोसल नरेश प्रसेनजित, महान कूटनीतिज्ञ तथा अर्थशास्त्री कौटिल्य, मौर्य सम्राट चन्द्रगुप्त, ख्यातिलब्ध वैद्य जीवक, वैयाकरण पाणिनि तथा योग दर्शन के प्रणेता मर्हिष पतंजलि यहाँ से शिक्षा प्राप्त करके अपने-अपने क्षेत्र में विख्यात हुए थे। बौद्ध साहित्य से ज्ञात होता है कि तक्षशिला विश्वविद्यालय धर्नुिवद्या तथा वैद्यक की शिक्षा के लिए तत्कालीन सभ्य संसार में प्रसिद्ध था। नालन्दा शिक्षा केंद्र के रूप में गुप्तकाल में विकसित हुआ।
C. मौर्यकाल में तक्षशिला शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र था। इस बात की पुष्टि बौद्ध ग्रंथों तथा चीनी यात्रियों के वृतान्तों से होती है। कोसल नरेश प्रसेनजित, महान कूटनीतिज्ञ तथा अर्थशास्त्री कौटिल्य, मौर्य सम्राट चन्द्रगुप्त, ख्यातिलब्ध वैद्य जीवक, वैयाकरण पाणिनि तथा योग दर्शन के प्रणेता मर्हिष पतंजलि यहाँ से शिक्षा प्राप्त करके अपने-अपने क्षेत्र में विख्यात हुए थे। बौद्ध साहित्य से ज्ञात होता है कि तक्षशिला विश्वविद्यालय धर्नुिवद्या तथा वैद्यक की शिक्षा के लिए तत्कालीन सभ्य संसार में प्रसिद्ध था। नालन्दा शिक्षा केंद्र के रूप में गुप्तकाल में विकसित हुआ।

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मौर्यकाल में तक्षशिला शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र था। इस बात की पुष्टि बौद्ध ग्रंथों तथा चीनी यात्रियों के वृतान्तों से होती है। कोसल नरेश प्रसेनजित, महान कूटनीतिज्ञ तथा अर्थशास्त्री कौटिल्य, मौर्य सम्राट चन्द्रगुप्त, ख्यातिलब्ध वैद्य जीवक, वैयाकरण पाणिनि तथा योग दर्शन के प्रणेता मर्हिष पतंजलि यहाँ से शिक्षा प्राप्त करके अपने-अपने क्षेत्र में विख्यात हुए थे। बौद्ध साहित्य से ज्ञात होता है कि तक्षशिला विश्वविद्यालय धर्नुिवद्या तथा वैद्यक की शिक्षा के लिए तत्कालीन सभ्य संसार में प्रसिद्ध था। नालन्दा शिक्षा केंद्र के रूप में गुप्तकाल में विकसित हुआ।