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Q: ``मन्यामहे मलयमेव यदाश्रयेण कड्कोल-निम्बकुटजा अपि चन्दना: स्यु:। यह पद्यांश किस ग्रन्थ से उद्धृत है’’?
  • A. किरातार्जुनीयम्
  • B. उत्तररामचरितम्
  • C. मेघदूतम्
  • D. नीतिशतकम्
Correct Answer: Option D - यह पद्यांश भर्तृहरि प्रणीत नीतिशतकम् से उद्धृत है। इसमें भर्तृहरि ने कहा है कि मैं मलयागिरि को ही मानता हूँ जिसके आश्रय से नीम कङ्कोल के वृक्ष भी चन्दन हो जाते हैं।
D. यह पद्यांश भर्तृहरि प्रणीत नीतिशतकम् से उद्धृत है। इसमें भर्तृहरि ने कहा है कि मैं मलयागिरि को ही मानता हूँ जिसके आश्रय से नीम कङ्कोल के वृक्ष भी चन्दन हो जाते हैं।

Explanations:

यह पद्यांश भर्तृहरि प्रणीत नीतिशतकम् से उद्धृत है। इसमें भर्तृहरि ने कहा है कि मैं मलयागिरि को ही मानता हूँ जिसके आश्रय से नीम कङ्कोल के वृक्ष भी चन्दन हो जाते हैं।