Explanations:
‘मानव के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’ के दर्शन को श्री नारायण गुरु ने प्रतिपादित किया था। श्री नारायण गुरु का जन्म अगस्त, 1856 में केरल के चेमपजंयी में हुआ था। इन्होंने जातिगत भेदभाव का विरोध करते हुए समानता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान का समर्थन किया।