Correct Answer:
Option C - मानवो जितेन्द्रियत्वं योगाभ्यासेन आप्नोति।
अर्थात् मनुष्य जितेन्द्रियत्व योगाभ्यास से प्राप्त होता है। योग के दो उद्देश्य हैं– 1. पारमार्थिक और 2. व्यवहारिक। उनमें मोक्ष को प्राप्त करना पारमार्थिक उद्देश्य है तथा योगाभ्यास के द्वारा जितेन्द्रियत्व को प्राप्त करना व्यावहारिक उद्देश्य है।
C. मानवो जितेन्द्रियत्वं योगाभ्यासेन आप्नोति।
अर्थात् मनुष्य जितेन्द्रियत्व योगाभ्यास से प्राप्त होता है। योग के दो उद्देश्य हैं– 1. पारमार्थिक और 2. व्यवहारिक। उनमें मोक्ष को प्राप्त करना पारमार्थिक उद्देश्य है तथा योगाभ्यास के द्वारा जितेन्द्रियत्व को प्राप्त करना व्यावहारिक उद्देश्य है।