Correct Answer:
Option C - एरिक्सन द्वारा विकास का मनोसामाजिक सिद्धान्त दिया गया। एरिक्सन के अनुसार यह चौथा विकासात्मक चरण है जो बाल्यावस्था के मध्य में परिलक्षित होती है। बालक द्वारा की गयी पहल से वह नये अनुभवों के संपर्क में आता है और जैसे-जैसे वह अपने बचपन के मध्य और अंत तक पहुँचता है, तब तक वह अपनी ऊर्जा को बौद्धिक कौशल और ज्ञान से हासिल करने की दिशा में मोड़ देता है।
C. एरिक्सन द्वारा विकास का मनोसामाजिक सिद्धान्त दिया गया। एरिक्सन के अनुसार यह चौथा विकासात्मक चरण है जो बाल्यावस्था के मध्य में परिलक्षित होती है। बालक द्वारा की गयी पहल से वह नये अनुभवों के संपर्क में आता है और जैसे-जैसे वह अपने बचपन के मध्य और अंत तक पहुँचता है, तब तक वह अपनी ऊर्जा को बौद्धिक कौशल और ज्ञान से हासिल करने की दिशा में मोड़ देता है।