Correct Answer:
Option A - मानसिक रूप से पिछड़े (मन्दबुद्धि) बालकों के लिए शिक्षण कार्य तभी सफल हो सकता है जब उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाय क्योंकि प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ग्रहण किया गया ज्ञान स्मृति पटल में ज्यादा समय तक रहता है। प्रत्यक्ष ज्ञान को ही मूर्त रूप कहा जाता है। उपरोक्त तथा विकल्प (a) में निहित हैं। अत: विकल्प (a) सही उत्तर है।
A. मानसिक रूप से पिछड़े (मन्दबुद्धि) बालकों के लिए शिक्षण कार्य तभी सफल हो सकता है जब उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाय क्योंकि प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ग्रहण किया गया ज्ञान स्मृति पटल में ज्यादा समय तक रहता है। प्रत्यक्ष ज्ञान को ही मूर्त रूप कहा जाता है। उपरोक्त तथा विकल्प (a) में निहित हैं। अत: विकल्प (a) सही उत्तर है।