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Q: मनरेगा (MGNREGA) के अन्तर्गत किसी ग्रामीण निर्धन व्यक्ति को अधिकतम कितने दिन तक रोजगार मिल सकता है?
  • A. 180 दिन
  • B. 120 दिन
  • C. 100 दिन
  • D. 90 दिन
Correct Answer: Option C - ग्रामीण बेरोजगारी, भूख और गरीबी से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 फरवरी, 2006 को आन्ध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले से किया। वर्ष 2009 में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (NREGA) जो कि 2005 में बना था, का नाम औपचारिक रूप से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम’ (MNREGA) करने का प्रावधान किया गया। यह योजना प्रत्येक वर्ष किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है, जो प्रतिदिन 220 रूपये की मजदूरी पर सार्वजनिक कार्य संबंधी अकुशल श्रम करने को तैयार रहते हैं।
C. ग्रामीण बेरोजगारी, भूख और गरीबी से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 फरवरी, 2006 को आन्ध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले से किया। वर्ष 2009 में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (NREGA) जो कि 2005 में बना था, का नाम औपचारिक रूप से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम’ (MNREGA) करने का प्रावधान किया गया। यह योजना प्रत्येक वर्ष किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है, जो प्रतिदिन 220 रूपये की मजदूरी पर सार्वजनिक कार्य संबंधी अकुशल श्रम करने को तैयार रहते हैं।

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ग्रामीण बेरोजगारी, भूख और गरीबी से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2 फरवरी, 2006 को आन्ध्र प्रदेश के अनन्तपुर जिले से किया। वर्ष 2009 में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (NREGA) जो कि 2005 में बना था, का नाम औपचारिक रूप से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम’ (MNREGA) करने का प्रावधान किया गया। यह योजना प्रत्येक वर्ष किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है, जो प्रतिदिन 220 रूपये की मजदूरी पर सार्वजनिक कार्य संबंधी अकुशल श्रम करने को तैयार रहते हैं।