Correct Answer:
Option D - ‘मालतीमाधव’ भवभूति की रचना है जबकि भास का स्वप्नवासवदत्ता नाटक है। भरतमुनि ने नाट्यशास्त्र की रचना की है। भारवि की रचना ‘किरातार्जुनीय’ है। भवभूति की अन्य रचनाएँ हैं- महावीर चरितम्, उत्तरामचरितम्।
D. ‘मालतीमाधव’ भवभूति की रचना है जबकि भास का स्वप्नवासवदत्ता नाटक है। भरतमुनि ने नाट्यशास्त्र की रचना की है। भारवि की रचना ‘किरातार्जुनीय’ है। भवभूति की अन्य रचनाएँ हैं- महावीर चरितम्, उत्तरामचरितम्।