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Q: मौखिक संवाद जो बच्चे अपने आप से करते हैं, उन्हें लेव वायगोत्सकी क्या कहते हैं–
  • A. व्यक्तिगत वार्ता
  • B. भ्रांत वार्ता
  • C. समस्यात्मक वार्ता
  • D. अहं केंद्रित वार्ता
Correct Answer: Option A - मौखिक संवाद जो बच्चे अपने आप से करते हैं उन्हें लेव वाइगोत्सकी व्यक्तिगत वार्ता कहते हैं। वाइगोत्सकी के अनुसार बच्चे भाषा का प्रयोग न केवल सामाजिक सम्प्रेषण हेतु अपितु स्वनिर्देशित तरीके से कार्य करने के लिए, अपने व्यवहार हेतु योजना बनाने, निर्देश देने व मूल्यांकित करने में भी करते हैं। स्व-निर्देशन में भाषा के प्रयोग को आंतरिक स्व-भाषा या निज भाषा कहा जाता है। पियाजे ने निज भाषा को आत्म केन्द्रित तथा अपरिपक्व माना है, परन्तु वाइगोत्सकी के अनुसार आरम्भिक बाल्यावस्था में यह बालक के विचारों का एक महत्वपूर्ण साधन है।
A. मौखिक संवाद जो बच्चे अपने आप से करते हैं उन्हें लेव वाइगोत्सकी व्यक्तिगत वार्ता कहते हैं। वाइगोत्सकी के अनुसार बच्चे भाषा का प्रयोग न केवल सामाजिक सम्प्रेषण हेतु अपितु स्वनिर्देशित तरीके से कार्य करने के लिए, अपने व्यवहार हेतु योजना बनाने, निर्देश देने व मूल्यांकित करने में भी करते हैं। स्व-निर्देशन में भाषा के प्रयोग को आंतरिक स्व-भाषा या निज भाषा कहा जाता है। पियाजे ने निज भाषा को आत्म केन्द्रित तथा अपरिपक्व माना है, परन्तु वाइगोत्सकी के अनुसार आरम्भिक बाल्यावस्था में यह बालक के विचारों का एक महत्वपूर्ण साधन है।

Explanations:

मौखिक संवाद जो बच्चे अपने आप से करते हैं उन्हें लेव वाइगोत्सकी व्यक्तिगत वार्ता कहते हैं। वाइगोत्सकी के अनुसार बच्चे भाषा का प्रयोग न केवल सामाजिक सम्प्रेषण हेतु अपितु स्वनिर्देशित तरीके से कार्य करने के लिए, अपने व्यवहार हेतु योजना बनाने, निर्देश देने व मूल्यांकित करने में भी करते हैं। स्व-निर्देशन में भाषा के प्रयोग को आंतरिक स्व-भाषा या निज भाषा कहा जाता है। पियाजे ने निज भाषा को आत्म केन्द्रित तथा अपरिपक्व माना है, परन्तु वाइगोत्सकी के अनुसार आरम्भिक बाल्यावस्था में यह बालक के विचारों का एक महत्वपूर्ण साधन है।