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Q: मकबरों की ‘अष्ट भुजाकार’ आकृति मध्यकालीन भारत के निम्नलिखित में से किस वंश की विशेषता थी?
  • A. खिलजी
  • B. तुगल
  • C. सैय्यद
  • D. लोदी
Correct Answer: Option D - मकबरों की अष्टभुजाकार आकृति मध्यकालीन भारत के लोदी वंश की विशेषता थी। लोदी वंश को ‘मकबरों का काल’ भी कहा जाता है। लोदी काल के मकबरों को दो भागों ‘अष्टभुजी’ व ‘चतुर्थभुजी’ मकबरों में बाटा जा सकता है। प्रथम अष्टभुजाकार मकबरा दिल्ली में स्थित खान-ए-जहाँ तेलंगानी का मकबरा है। सिकंदर लोदी के समय में एक नई शैली की शुरूआत हुई, जिसमें एक गुम्बद के स्थान पर दो गुम्बदों का निर्माण हुआ। उल्लेखनीय है कि सिकन्दर लोदी का मकबरा भारत में निर्मित पहली इमारत थी, जिसमें दोहरे गुम्बद का प्रयोग किया गया है।
D. मकबरों की अष्टभुजाकार आकृति मध्यकालीन भारत के लोदी वंश की विशेषता थी। लोदी वंश को ‘मकबरों का काल’ भी कहा जाता है। लोदी काल के मकबरों को दो भागों ‘अष्टभुजी’ व ‘चतुर्थभुजी’ मकबरों में बाटा जा सकता है। प्रथम अष्टभुजाकार मकबरा दिल्ली में स्थित खान-ए-जहाँ तेलंगानी का मकबरा है। सिकंदर लोदी के समय में एक नई शैली की शुरूआत हुई, जिसमें एक गुम्बद के स्थान पर दो गुम्बदों का निर्माण हुआ। उल्लेखनीय है कि सिकन्दर लोदी का मकबरा भारत में निर्मित पहली इमारत थी, जिसमें दोहरे गुम्बद का प्रयोग किया गया है।

Explanations:

मकबरों की अष्टभुजाकार आकृति मध्यकालीन भारत के लोदी वंश की विशेषता थी। लोदी वंश को ‘मकबरों का काल’ भी कहा जाता है। लोदी काल के मकबरों को दो भागों ‘अष्टभुजी’ व ‘चतुर्थभुजी’ मकबरों में बाटा जा सकता है। प्रथम अष्टभुजाकार मकबरा दिल्ली में स्थित खान-ए-जहाँ तेलंगानी का मकबरा है। सिकंदर लोदी के समय में एक नई शैली की शुरूआत हुई, जिसमें एक गुम्बद के स्थान पर दो गुम्बदों का निर्माण हुआ। उल्लेखनीय है कि सिकन्दर लोदी का मकबरा भारत में निर्मित पहली इमारत थी, जिसमें दोहरे गुम्बद का प्रयोग किया गया है।