Correct Answer:
Option A - क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वाक्य में क्रिया द्वारा संपादित विधान का विषय कर्ता/कर्म/भाव है, वाच्य कहते हैं। क्रिया का ऐसा रूपान्तर जिससे वाक्य में भाव की प्रधानता का बोध होता हो, भाववाच्य कहलाता है। ‘मुझसे खड़ा भी हुआ नहीं जाता’ इस वाक्य में अस्वस्थता रूपी भाव की प्रधानता है। अत: यहाँ भाववाच्य का होना निश्चित है।
A. क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वाक्य में क्रिया द्वारा संपादित विधान का विषय कर्ता/कर्म/भाव है, वाच्य कहते हैं। क्रिया का ऐसा रूपान्तर जिससे वाक्य में भाव की प्रधानता का बोध होता हो, भाववाच्य कहलाता है। ‘मुझसे खड़ा भी हुआ नहीं जाता’ इस वाक्य में अस्वस्थता रूपी भाव की प्रधानता है। अत: यहाँ भाववाच्य का होना निश्चित है।