Correct Answer:
Option C - सूत्रकणिका (माइट्रोकाण्ड्रिया) यूकैरियाटिक कोशिकाओं में पायी जाने वाली तश्तरीनुमा बेलनाकार आकृति होती है। सूत्र कणिका एक दोहरी झिल्ली युक्त (double membrane layer) संरचना होती है जिसकी वाह्य झिल्ली व भीतरी झिल्ली इसकी अवकाशिका को दो स्पष्ट जलीय कक्षों, वाह्य कक्ष व भीतरी कक्ष में विभाजित करती है। माइट्रोकाण्ड्रियॉ प्रोवैâरियोटिक कोशिकाओं में पूर्णतया अनुपस्थित होती है। जीवाणुओं में माइट्रोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होती है, क्योंकि जीवाणु मोनेरा के सदस्य है, जो एककोशकीय प्रोवैâरियोट होते है। माइट्रोकाण्ड्रिया के केवल बाहरी झिल्ली (Outermembrane) को हटा देने पर जो संरचना दिखाई पड़ती है, उसे माइटोप्लास्ट कहते है। माइट्रोकाण्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में नहीं पायी जाती है।
C. सूत्रकणिका (माइट्रोकाण्ड्रिया) यूकैरियाटिक कोशिकाओं में पायी जाने वाली तश्तरीनुमा बेलनाकार आकृति होती है। सूत्र कणिका एक दोहरी झिल्ली युक्त (double membrane layer) संरचना होती है जिसकी वाह्य झिल्ली व भीतरी झिल्ली इसकी अवकाशिका को दो स्पष्ट जलीय कक्षों, वाह्य कक्ष व भीतरी कक्ष में विभाजित करती है। माइट्रोकाण्ड्रियॉ प्रोवैâरियोटिक कोशिकाओं में पूर्णतया अनुपस्थित होती है। जीवाणुओं में माइट्रोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होती है, क्योंकि जीवाणु मोनेरा के सदस्य है, जो एककोशकीय प्रोवैâरियोट होते है। माइट्रोकाण्ड्रिया के केवल बाहरी झिल्ली (Outermembrane) को हटा देने पर जो संरचना दिखाई पड़ती है, उसे माइटोप्लास्ट कहते है। माइट्रोकाण्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में नहीं पायी जाती है।