Correct Answer:
Option A - महापाषाणों का उपयोग दफन करने की जगहों को चिन्हित करने के लिए किया जाता था। महापाषाण (महा: बड़ा, पाषाण: पत्थर) कब्रें बनाने की प्रथा लगभग 3000 वर्ष पूर्व शुरू हुई। यह प्रथा दक्कन, दक्षिण भारत, उत्तर पूर्वी भारत और कश्मीर में प्रचलित थी। सामान्यत: मृतकों को खास किस्म के मिट्टी के बर्तनों के साथ दफनाया जाता था। इनके साथ ही मिले है लोहे के औजार, घोड़ों के कंकाल, तथा पत्थर और सोने के गहने।
A. महापाषाणों का उपयोग दफन करने की जगहों को चिन्हित करने के लिए किया जाता था। महापाषाण (महा: बड़ा, पाषाण: पत्थर) कब्रें बनाने की प्रथा लगभग 3000 वर्ष पूर्व शुरू हुई। यह प्रथा दक्कन, दक्षिण भारत, उत्तर पूर्वी भारत और कश्मीर में प्रचलित थी। सामान्यत: मृतकों को खास किस्म के मिट्टी के बर्तनों के साथ दफनाया जाता था। इनके साथ ही मिले है लोहे के औजार, घोड़ों के कंकाल, तथा पत्थर और सोने के गहने।