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Q: ‘मोहन ने सोहन को पुस्तक दी।’ वाक्य के रेखांकित अंश में कारक है–
  • A. कत्र्ता कारक
  • B. संप्रदान कारक
  • C. कर्म कारक
  • D. अपादान कारक
Correct Answer: Option B - मोहन ने सोहन को पुस्तक दी वाक्य में संप्रदान कारक है। संप्रदान कारक- संप्रदान का शाब्दिक अर्थ है- देना। कर्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है या जिसे कुछ देता है उसे व्यक्त करने वाले शब्द रूप को संप्रदान कारक कहते हैं। कारक विभक्तियाँ 1. कर्ता - ने 2. कर्म - को 3. करण - से, द्वारा 4. सम्प्रदान - को, के लिए, हेतु 5. अपादान - से (अलग होने के अर्थ में) 6. सम्बन्ध - का, की, के, रा, री, रे 7. अधिकरण - में, पर 8. सम्बोधन - हे! अरे! ऐ! ओ! हाय!
B. मोहन ने सोहन को पुस्तक दी वाक्य में संप्रदान कारक है। संप्रदान कारक- संप्रदान का शाब्दिक अर्थ है- देना। कर्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है या जिसे कुछ देता है उसे व्यक्त करने वाले शब्द रूप को संप्रदान कारक कहते हैं। कारक विभक्तियाँ 1. कर्ता - ने 2. कर्म - को 3. करण - से, द्वारा 4. सम्प्रदान - को, के लिए, हेतु 5. अपादान - से (अलग होने के अर्थ में) 6. सम्बन्ध - का, की, के, रा, री, रे 7. अधिकरण - में, पर 8. सम्बोधन - हे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

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मोहन ने सोहन को पुस्तक दी वाक्य में संप्रदान कारक है। संप्रदान कारक- संप्रदान का शाब्दिक अर्थ है- देना। कर्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है या जिसे कुछ देता है उसे व्यक्त करने वाले शब्द रूप को संप्रदान कारक कहते हैं। कारक विभक्तियाँ 1. कर्ता - ने 2. कर्म - को 3. करण - से, द्वारा 4. सम्प्रदान - को, के लिए, हेतु 5. अपादान - से (अलग होने के अर्थ में) 6. सम्बन्ध - का, की, के, रा, री, रे 7. अधिकरण - में, पर 8. सम्बोधन - हे! अरे! ऐ! ओ! हाय!