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Q: महाकाव्यों की बृहत्त्रयी में कौन सम्मिलित नहीं है?
  • A. शिशुपालवधम्
  • B. किरातार्जुनीयम्
  • C. नैषधीयचरितम्
  • D. मेघदूतम्
Correct Answer: Option D - महाकाव्यों की बृहत्त्रयी में मेघदूतम् सम्मिलित नहीं है। यह एक खण्डकाव्य है जिसे गीति काव्य कहते हैं। इसकी रचना महाकवि कालिदास ने की थी। बृहत्त्रयी में किरातार्जुनीयम्, शिशुपालवधम् तथा नैषधीयचरितम् महाकाव्य शामिल है जिसकी रचना क्रमश: भारवि, माघ तथा श्रीहर्ष ने की थी। मूलत: रचनाओं में त्रयी को दो भागों में बाँटा गया है। प्रथम वृहत्त्रयी एवं दूसरा लघुत्त्रयी। इनके विभाग रचना सहित इस प्रकार हैं- बृहत्त्रयी के ग्रन्थ लघुत्त्रयी के ग्रन्थ (क) किरातार्जुनीयम् (क) कुमार सम्भवम् (ख) शिशुपालवद्यम् (ख) मेघदूतम् (ग) नैषधीयचरितम् (ग) रघुवंशम् सूत्र- किशुनै सूत्र -कुमेर
D. महाकाव्यों की बृहत्त्रयी में मेघदूतम् सम्मिलित नहीं है। यह एक खण्डकाव्य है जिसे गीति काव्य कहते हैं। इसकी रचना महाकवि कालिदास ने की थी। बृहत्त्रयी में किरातार्जुनीयम्, शिशुपालवधम् तथा नैषधीयचरितम् महाकाव्य शामिल है जिसकी रचना क्रमश: भारवि, माघ तथा श्रीहर्ष ने की थी। मूलत: रचनाओं में त्रयी को दो भागों में बाँटा गया है। प्रथम वृहत्त्रयी एवं दूसरा लघुत्त्रयी। इनके विभाग रचना सहित इस प्रकार हैं- बृहत्त्रयी के ग्रन्थ लघुत्त्रयी के ग्रन्थ (क) किरातार्जुनीयम् (क) कुमार सम्भवम् (ख) शिशुपालवद्यम् (ख) मेघदूतम् (ग) नैषधीयचरितम् (ग) रघुवंशम् सूत्र- किशुनै सूत्र -कुमेर

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महाकाव्यों की बृहत्त्रयी में मेघदूतम् सम्मिलित नहीं है। यह एक खण्डकाव्य है जिसे गीति काव्य कहते हैं। इसकी रचना महाकवि कालिदास ने की थी। बृहत्त्रयी में किरातार्जुनीयम्, शिशुपालवधम् तथा नैषधीयचरितम् महाकाव्य शामिल है जिसकी रचना क्रमश: भारवि, माघ तथा श्रीहर्ष ने की थी। मूलत: रचनाओं में त्रयी को दो भागों में बाँटा गया है। प्रथम वृहत्त्रयी एवं दूसरा लघुत्त्रयी। इनके विभाग रचना सहित इस प्रकार हैं- बृहत्त्रयी के ग्रन्थ लघुत्त्रयी के ग्रन्थ (क) किरातार्जुनीयम् (क) कुमार सम्भवम् (ख) शिशुपालवद्यम् (ख) मेघदूतम् (ग) नैषधीयचरितम् (ग) रघुवंशम् सूत्र- किशुनै सूत्र -कुमेर