Correct Answer:
Option C - मेघदूतम् का अभिशप्त यक्ष रामगिरि नामक पर्वत पर रहता है। इस विषय में एक पद्य दृष्टव्य है–
कश्चित्कान्ताविरहगुरुणा स्वाधिकारात्प्रमत्त:
शापेनास्तङ्गमितमहिमा वर्षभोग्येण भर्तु:।
यक्षश्चक्रे जनकतनयास्नानपुण्योदकेषु
स्निग्धच्छायातरुषु वसतिं रामगिर्याश्रमेषु।।
C. मेघदूतम् का अभिशप्त यक्ष रामगिरि नामक पर्वत पर रहता है। इस विषय में एक पद्य दृष्टव्य है–
कश्चित्कान्ताविरहगुरुणा स्वाधिकारात्प्रमत्त:
शापेनास्तङ्गमितमहिमा वर्षभोग्येण भर्तु:।
यक्षश्चक्रे जनकतनयास्नानपुण्योदकेषु
स्निग्धच्छायातरुषु वसतिं रामगिर्याश्रमेषु।।