Correct Answer:
Option C - मेघदूतम् है - खण्ड काव्य ।
खण्ड काव्य – साहित्य में प्रबन्ध काव्य का एक रूप है। जीवन के किसी घटना विशेष को लेकर लिखा गया काव्य खण्डकाव्य होता है। इसमें मानव जीवन के किसी एक ही घटना की प्रधानता होती है।
कथा का अर्थ – कथा या कहानी वह छोटी से छोटी रचना है, जिसे एक बैठक में पढ़ा जा सके, जो पाठक पर एक समन्वित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए लिखी गई हो।
महाकाव्य – इसमें किसी ऐतिहासिक या पौराणिक महापुरुष की सम्पूर्ण जीवन कथा का आद्योपान्त वर्णन होता है। इसका नायक धीरोदात्त होना आवश्यक है। इसके अन्तर्गत आठ या आठ से अधिक सर्ग होने चाहिए, प्रत्येक सर्ग के अन्त में छन्द परिवर्तन होना चाहिए तथा सर्ग के अन्त में अगले अङ्क की सूचना होनी चाहिए।
नाटक – काव्य का एक रूप है जो रचना श्रवण द्वारा ही नहीं अपितु दृष्टि द्वारा भी दर्शकों के हृदय में रसानुभूति कराता है उसे नाटक या दृश्य-काव्य कहते हैं।
C. मेघदूतम् है - खण्ड काव्य ।
खण्ड काव्य – साहित्य में प्रबन्ध काव्य का एक रूप है। जीवन के किसी घटना विशेष को लेकर लिखा गया काव्य खण्डकाव्य होता है। इसमें मानव जीवन के किसी एक ही घटना की प्रधानता होती है।
कथा का अर्थ – कथा या कहानी वह छोटी से छोटी रचना है, जिसे एक बैठक में पढ़ा जा सके, जो पाठक पर एक समन्वित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए लिखी गई हो।
महाकाव्य – इसमें किसी ऐतिहासिक या पौराणिक महापुरुष की सम्पूर्ण जीवन कथा का आद्योपान्त वर्णन होता है। इसका नायक धीरोदात्त होना आवश्यक है। इसके अन्तर्गत आठ या आठ से अधिक सर्ग होने चाहिए, प्रत्येक सर्ग के अन्त में छन्द परिवर्तन होना चाहिए तथा सर्ग के अन्त में अगले अङ्क की सूचना होनी चाहिए।
नाटक – काव्य का एक रूप है जो रचना श्रवण द्वारा ही नहीं अपितु दृष्टि द्वारा भी दर्शकों के हृदय में रसानुभूति कराता है उसे नाटक या दृश्य-काव्य कहते हैं।