Correct Answer:
Option C - ‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ यह काव्य पंक्ति ‘महादेवी वर्मा’ द्वारा रचित ‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ कविता से है। महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक मानी जाती हैं। इन्हें आधुनिक युग की मीरा के नाम से भी जाना जाता है।
इनकी मुख्य रचनाएँ इस प्रकार हैं-नीहार, रश्मि, नीरजा, यामा, सांध्यगीत, दीपशिखा, सप्तपर्णा आदि।
C. ‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ यह काव्य पंक्ति ‘महादेवी वर्मा’ द्वारा रचित ‘मैं नीर भरी दुख की बदली’ कविता से है। महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक मानी जाती हैं। इन्हें आधुनिक युग की मीरा के नाम से भी जाना जाता है।
इनकी मुख्य रचनाएँ इस प्रकार हैं-नीहार, रश्मि, नीरजा, यामा, सांध्यगीत, दीपशिखा, सप्तपर्णा आदि।