Correct Answer:
Option B - लाइकोपोडियम,इक्विसिटम, टेरिस आदि समवीजाणुता (Homospory) को प्रदर्शित करता है। जब पौधे में सभी बीजाणु (Spore) एक ही प्रकार के होते हैं तब उनको समबीजाणुक कहते हैं। परन्तु कुछ पौधों में बीजाणु दो प्रकार के होते हैं–
(i) लघु बीजाणु (Microspore)–ये आकार में छोटे होते हैं। ये लघुबीजाणुधानी (Microsporchgia) में उत्पन्न होते हैं तथा लघु बीजाणु धानियाँ, माइक्रोस्पोरोफिल (Microsporophyll) पर मिलती है।
(ii) गुरुबीजाणु (Megaspore)–ये आकार में बड़े तथा संख्या में कम होते हैं इनका निर्माण गुरुबीजाणुधानियों में होता है तथा ये मेगास्पोरोफिल पर मिलती हैं।
जीन पौधों में दो प्रकार के बीजाणु मिलते हैं उनको विषमबीजाणु (Heterospous plants) तथा इस अवस्था को विषम बीजाणुकता कहते हैं, जैसे–सिलेजिनेला।
B. लाइकोपोडियम,इक्विसिटम, टेरिस आदि समवीजाणुता (Homospory) को प्रदर्शित करता है। जब पौधे में सभी बीजाणु (Spore) एक ही प्रकार के होते हैं तब उनको समबीजाणुक कहते हैं। परन्तु कुछ पौधों में बीजाणु दो प्रकार के होते हैं–
(i) लघु बीजाणु (Microspore)–ये आकार में छोटे होते हैं। ये लघुबीजाणुधानी (Microsporchgia) में उत्पन्न होते हैं तथा लघु बीजाणु धानियाँ, माइक्रोस्पोरोफिल (Microsporophyll) पर मिलती है।
(ii) गुरुबीजाणु (Megaspore)–ये आकार में बड़े तथा संख्या में कम होते हैं इनका निर्माण गुरुबीजाणुधानियों में होता है तथा ये मेगास्पोरोफिल पर मिलती हैं।
जीन पौधों में दो प्रकार के बीजाणु मिलते हैं उनको विषमबीजाणु (Heterospous plants) तथा इस अवस्था को विषम बीजाणुकता कहते हैं, जैसे–सिलेजिनेला।