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Q: लवण-प्रभावित मृदाएँ मुख्यत: उ. प्र. के किन मण्डलों में पायी जाती हैं?
  • A. आगरा एवं अलीगढ़
  • B. मेरठ एवं मुरादाबाद
  • C. बस्ती एवं गोरखपुर
  • D. झांसी एवं चित्रकूट
Correct Answer: Option A - उत्तर प्रदेश के बांगर मृदा वाले क्षेत्र में भूमि के समतल होने और जल निकासी का उचित प्रबन्ध न होने, नहरों से सिंचाई किये जाने, वर्षा की कमी, लवणयुक्त जल से सिंचाई की अधिकता, जुताई एक ही गहराई तक करते रहने तथा क्षारीय उर्वरकों के लगातार प्रयोग आदि कारणों से लगभग 10 प्रतिशत भूमि ऊसर हो चुकी है जो कि प्रदेश के अलीगढ़, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, कानपुर, उन्नाव, एटा, इटावा, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, प्रयागराज आदि जिलों में पायी जाती है।
A. उत्तर प्रदेश के बांगर मृदा वाले क्षेत्र में भूमि के समतल होने और जल निकासी का उचित प्रबन्ध न होने, नहरों से सिंचाई किये जाने, वर्षा की कमी, लवणयुक्त जल से सिंचाई की अधिकता, जुताई एक ही गहराई तक करते रहने तथा क्षारीय उर्वरकों के लगातार प्रयोग आदि कारणों से लगभग 10 प्रतिशत भूमि ऊसर हो चुकी है जो कि प्रदेश के अलीगढ़, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, कानपुर, उन्नाव, एटा, इटावा, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, प्रयागराज आदि जिलों में पायी जाती है।

Explanations:

उत्तर प्रदेश के बांगर मृदा वाले क्षेत्र में भूमि के समतल होने और जल निकासी का उचित प्रबन्ध न होने, नहरों से सिंचाई किये जाने, वर्षा की कमी, लवणयुक्त जल से सिंचाई की अधिकता, जुताई एक ही गहराई तक करते रहने तथा क्षारीय उर्वरकों के लगातार प्रयोग आदि कारणों से लगभग 10 प्रतिशत भूमि ऊसर हो चुकी है जो कि प्रदेश के अलीगढ़, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, कानपुर, उन्नाव, एटा, इटावा, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, प्रयागराज आदि जिलों में पायी जाती है।