Correct Answer:
Option D - ललित कलाओं को पाँच भागों- काव्य कला, संगीत कला, चित्रकला, मूर्तिकला एवं वास्तुकला में बांटा गया है। सभी कलाओं में लय के बिना एक हृदय स्पर्शी अभिव्यक्ति सम्भव नहीं है। अत: लय सभी कलाओं में समान रूप से प्रयुक्त होता है। जैसे-बिना लय और ताल के कोई भी गीत मन को नहीं भाता है।
D. ललित कलाओं को पाँच भागों- काव्य कला, संगीत कला, चित्रकला, मूर्तिकला एवं वास्तुकला में बांटा गया है। सभी कलाओं में लय के बिना एक हृदय स्पर्शी अभिव्यक्ति सम्भव नहीं है। अत: लय सभी कलाओं में समान रूप से प्रयुक्त होता है। जैसे-बिना लय और ताल के कोई भी गीत मन को नहीं भाता है।