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Q: ‘लिखने-पढ़ने’ में कौन-सा समास है?
  • A. द्विगु
  • B. द्वन्द्व
  • C. तत्पुरुष
  • D. कर्मधारय
Correct Answer: Option B - लिखने-पढ़ने में द्वन्द्व समास हैं इसका विग्रह लिखने और पढ़ने होगा। जिसके दोनों पद प्रधान हों, दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलाएगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच और, अथवा, या जैसे योजक अव्यय लिखे जाते हैं। द्विगु समास- जिस सामासिक पद का पहला पद संख्यावाचक हो और उससे एक समुदाय का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं। जैसे- नवग्रह, चौमासा, त्रिफला। तत्पुरुष समास- जिस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। नेत्रहीन - नेत्र से हीन मदान्ध - मद में अंधा कर्मधारय समास- कर्मधारय का एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है। पीताम्बर - पीत है जो अम्बर महावीर - महान है जो वीर
B. लिखने-पढ़ने में द्वन्द्व समास हैं इसका विग्रह लिखने और पढ़ने होगा। जिसके दोनों पद प्रधान हों, दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलाएगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच और, अथवा, या जैसे योजक अव्यय लिखे जाते हैं। द्विगु समास- जिस सामासिक पद का पहला पद संख्यावाचक हो और उससे एक समुदाय का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं। जैसे- नवग्रह, चौमासा, त्रिफला। तत्पुरुष समास- जिस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। नेत्रहीन - नेत्र से हीन मदान्ध - मद में अंधा कर्मधारय समास- कर्मधारय का एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है। पीताम्बर - पीत है जो अम्बर महावीर - महान है जो वीर

Explanations:

लिखने-पढ़ने में द्वन्द्व समास हैं इसका विग्रह लिखने और पढ़ने होगा। जिसके दोनों पद प्रधान हों, दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलाएगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच और, अथवा, या जैसे योजक अव्यय लिखे जाते हैं। द्विगु समास- जिस सामासिक पद का पहला पद संख्यावाचक हो और उससे एक समुदाय का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं। जैसे- नवग्रह, चौमासा, त्रिफला। तत्पुरुष समास- जिस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। नेत्रहीन - नेत्र से हीन मदान्ध - मद में अंधा कर्मधारय समास- कर्मधारय का एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है। पीताम्बर - पीत है जो अम्बर महावीर - महान है जो वीर