Correct Answer:
Option A - ‘‘लिखन बैठि जाकी सबी गहि गरब गरूर।
भए न केते जगत के चतुर चितेरी क्रूर ।।’’
इस दोहे में ‘सबी’ शब्द का अर्थ चित्र (नायिका के समान) है। अर्थात् जो चित्रकार चित्र बना रहा है वह चित्र अपूर्व सुन्दरी नायिका के समान होना चाहिए। चित्र ऐसा होना चाहिए जिसके पीछे संसार चतुर (चालाक) चितेरे (प्रेमी) तथा क्रूर (निर्दय) सभी प्रकार के व्यक्तियों का मोहित करे अर्थात उसे पीछे, पीछे ‘सबी’ शब्द अरबी का ‘शबीह’ है जिसका अर्थ है यथार्थ चित्र अर्थात् ऐसा चित्र जो नायिका जैसा ही हू-ब-हू हो।
A. ‘‘लिखन बैठि जाकी सबी गहि गरब गरूर।
भए न केते जगत के चतुर चितेरी क्रूर ।।’’
इस दोहे में ‘सबी’ शब्द का अर्थ चित्र (नायिका के समान) है। अर्थात् जो चित्रकार चित्र बना रहा है वह चित्र अपूर्व सुन्दरी नायिका के समान होना चाहिए। चित्र ऐसा होना चाहिए जिसके पीछे संसार चतुर (चालाक) चितेरे (प्रेमी) तथा क्रूर (निर्दय) सभी प्रकार के व्यक्तियों का मोहित करे अर्थात उसे पीछे, पीछे ‘सबी’ शब्द अरबी का ‘शबीह’ है जिसका अर्थ है यथार्थ चित्र अर्थात् ऐसा चित्र जो नायिका जैसा ही हू-ब-हू हो।