Correct Answer:
Option A - डी. टॉकविले और लार्ड एक्टन जैसे राजनीति विज्ञान के विद्धानों का विचार है कि ‘स्वतंत्रता और समानता परस्पर विरोधी है।’ लार्ड एक्टन के अनुसार, ‘‘समानता की उत्कृष्ट अभिलाषा के कारण स्वतंत्रता की आशा ही व्यर्थ हो गई है।’’ लास्की के अनुसार - ‘‘स्वतंत्रता समानता के बिना एक सीमित गुम्बद या सुराख के समान होगी और समानता स्वतंत्रता के बिना अर्थहीन होगी।’’
A. डी. टॉकविले और लार्ड एक्टन जैसे राजनीति विज्ञान के विद्धानों का विचार है कि ‘स्वतंत्रता और समानता परस्पर विरोधी है।’ लार्ड एक्टन के अनुसार, ‘‘समानता की उत्कृष्ट अभिलाषा के कारण स्वतंत्रता की आशा ही व्यर्थ हो गई है।’’ लास्की के अनुसार - ‘‘स्वतंत्रता समानता के बिना एक सीमित गुम्बद या सुराख के समान होगी और समानता स्वतंत्रता के बिना अर्थहीन होगी।’’