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Q: Levelling in which staff and readings and the distance between the points is required is called: तलेक्षण जिसमें गज और पाठ्यांक और बिन्दुओं के बीच की दूरी आवश्यक होती है _________ कहलाती हैं।
  • A. fly levelling/उड़न तलेक्षण
  • B. profile levelling/अनुदैर्ध्य तलेक्षण
  • C. auto levelling/ऑटो तलेक्षण
  • D. trigonometric levelling/त्रिकोणमितीय तलेक्षण
Correct Answer: Option B - अनुदैर्ध्य तलेक्षण (Longitudinal or Profile Levelling)- किसी प्रस्तावित सड़क, नहर, रेलमार्ग, पाइप लाइन, सीवर लाइन आदि की नियत मध्य रेखा (Centre line) पर पड़ने वाली भूमि का चढ़ाव/उतार जानने के लिए, जो बहुरोपण तलेक्षण किया जाता है, उसे अनुदैर्ध्य तलेक्षण कहते हैं। ■ अनुदैर्ध्य तलेक्षण में मध्य रेखा पर स्थित बिन्दुओं की दूरी तथा उच्चता (R.L.) ज्ञात की जाती है। त्रिकोणमितीय तलेक्षण (Trigonometrical levelling)- इस तलेक्षण में बिन्दुओं की उच्चता, उनके मध्य सीधी दूरी तथा ऊर्ध्वाधर कोण माप कर ज्ञात की जाती है। ■ अधिक दूरी पर स्थित और अगम्य बिन्दुओं (जैसे- पर्वतों की चोटियों) की उच्चता की गणना के लिए त्रिकोणमितीय तलेक्षण काफी सन्तोषजनक सिद्ध हुआ है।
B. अनुदैर्ध्य तलेक्षण (Longitudinal or Profile Levelling)- किसी प्रस्तावित सड़क, नहर, रेलमार्ग, पाइप लाइन, सीवर लाइन आदि की नियत मध्य रेखा (Centre line) पर पड़ने वाली भूमि का चढ़ाव/उतार जानने के लिए, जो बहुरोपण तलेक्षण किया जाता है, उसे अनुदैर्ध्य तलेक्षण कहते हैं। ■ अनुदैर्ध्य तलेक्षण में मध्य रेखा पर स्थित बिन्दुओं की दूरी तथा उच्चता (R.L.) ज्ञात की जाती है। त्रिकोणमितीय तलेक्षण (Trigonometrical levelling)- इस तलेक्षण में बिन्दुओं की उच्चता, उनके मध्य सीधी दूरी तथा ऊर्ध्वाधर कोण माप कर ज्ञात की जाती है। ■ अधिक दूरी पर स्थित और अगम्य बिन्दुओं (जैसे- पर्वतों की चोटियों) की उच्चता की गणना के लिए त्रिकोणमितीय तलेक्षण काफी सन्तोषजनक सिद्ध हुआ है।

Explanations:

अनुदैर्ध्य तलेक्षण (Longitudinal or Profile Levelling)- किसी प्रस्तावित सड़क, नहर, रेलमार्ग, पाइप लाइन, सीवर लाइन आदि की नियत मध्य रेखा (Centre line) पर पड़ने वाली भूमि का चढ़ाव/उतार जानने के लिए, जो बहुरोपण तलेक्षण किया जाता है, उसे अनुदैर्ध्य तलेक्षण कहते हैं। ■ अनुदैर्ध्य तलेक्षण में मध्य रेखा पर स्थित बिन्दुओं की दूरी तथा उच्चता (R.L.) ज्ञात की जाती है। त्रिकोणमितीय तलेक्षण (Trigonometrical levelling)- इस तलेक्षण में बिन्दुओं की उच्चता, उनके मध्य सीधी दूरी तथा ऊर्ध्वाधर कोण माप कर ज्ञात की जाती है। ■ अधिक दूरी पर स्थित और अगम्य बिन्दुओं (जैसे- पर्वतों की चोटियों) की उच्चता की गणना के लिए त्रिकोणमितीय तलेक्षण काफी सन्तोषजनक सिद्ध हुआ है।