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Q: latency in the theory of sexual development? यौन विकास के सिद्धान्त में किस मनोवैज्ञानिक ने प्रसुप्ति अवधि की बात की?
  • A. Freud/फ्रायड
  • B. Piaget/प्या़जे
  • C. Erikson/एरिक्सन
  • D. Vygotsky/वाइगोत्सकी
Correct Answer: Option A - यौन विकास के सिद्धान्त में मनोवैज्ञानिक फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया और व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है– अवस्थाएं अवधि मुखीय अवस्था – जन्म से 1 वर्ष तक गुदीय अवस्था – 2-3 वर्ष तक लैंगिक अवस्था – 4-5 वर्ष अदृश्यवस्था या सुसुप्त अवस्था - 6-12 वर्ष तक जननेन्द्रियवस्था – किशोरावस्था या 12 से 20 वर्ष
A. यौन विकास के सिद्धान्त में मनोवैज्ञानिक फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया और व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है– अवस्थाएं अवधि मुखीय अवस्था – जन्म से 1 वर्ष तक गुदीय अवस्था – 2-3 वर्ष तक लैंगिक अवस्था – 4-5 वर्ष अदृश्यवस्था या सुसुप्त अवस्था - 6-12 वर्ष तक जननेन्द्रियवस्था – किशोरावस्था या 12 से 20 वर्ष

Explanations:

यौन विकास के सिद्धान्त में मनोवैज्ञानिक फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया और व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है– अवस्थाएं अवधि मुखीय अवस्था – जन्म से 1 वर्ष तक गुदीय अवस्था – 2-3 वर्ष तक लैंगिक अवस्था – 4-5 वर्ष अदृश्यवस्था या सुसुप्त अवस्था - 6-12 वर्ष तक जननेन्द्रियवस्था – किशोरावस्था या 12 से 20 वर्ष