Correct Answer:
Option B - काकरी बरड़ी पहाड़ी से क्षिप्रा नदी का उद्गम होता है। क्षिप्रा नदी मध्य प्रदेश के इन्दौर में स्थित काकरी बरड़ी के समीप बणेश्वर कुण्ड से निकलती है। इस नदी को मालवा की गंगा के नाम से जाना जाता है। यह नदी उत्तर पूर्वी दिशा की ओर उज्जैन में प्रवाहित होती है, उज्जैन इसी के तट पर स्थित है। यहाँ महाकालेश्वर मंदिर है। जहाँ प्रत्येक 12 वर्ष बाद सिंहस्थ महाकुम्भ का आयोजन होता है। क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित मंदिर, महाकालेश्वर, त्रिवेणी घाट, रामघाट चिंतामन गणेश मंदिर, सिंहवट, भर्तृहरि गुफा, कालभैरव मंदिर है। क्षिप्रा नदी कोटा (राजस्थान) के समीप चम्बल नदी में मिल जाती है। क्षिप्रा नदी के अन्य नाम-पूर्ण सलिला, पापहरिणी, मोक्षदायिनी, अवन्ति, अमृसंमता तथा सोमवती।
B. काकरी बरड़ी पहाड़ी से क्षिप्रा नदी का उद्गम होता है। क्षिप्रा नदी मध्य प्रदेश के इन्दौर में स्थित काकरी बरड़ी के समीप बणेश्वर कुण्ड से निकलती है। इस नदी को मालवा की गंगा के नाम से जाना जाता है। यह नदी उत्तर पूर्वी दिशा की ओर उज्जैन में प्रवाहित होती है, उज्जैन इसी के तट पर स्थित है। यहाँ महाकालेश्वर मंदिर है। जहाँ प्रत्येक 12 वर्ष बाद सिंहस्थ महाकुम्भ का आयोजन होता है। क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित मंदिर, महाकालेश्वर, त्रिवेणी घाट, रामघाट चिंतामन गणेश मंदिर, सिंहवट, भर्तृहरि गुफा, कालभैरव मंदिर है। क्षिप्रा नदी कोटा (राजस्थान) के समीप चम्बल नदी में मिल जाती है। क्षिप्रा नदी के अन्य नाम-पूर्ण सलिला, पापहरिणी, मोक्षदायिनी, अवन्ति, अमृसंमता तथा सोमवती।