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Q: खेड़ा जिले के किसानों की सहायता के लिए महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का आयोजन किस वर्ष किया ?
  • A. 1917
  • B. 1919
  • C. 1918
  • D. 1915
Correct Answer: Option C - चंपारण के किसान आन्दोलन (1917 ई.) के बाद खेड़ा (गुजरात) में भी 1918 ई. में एक किसान आन्दोलन हुआ। वर्ष 1918 ई. में भीषण दुर्भिक्ष के कारण गुजरात के खेड़ा जिले में पूरी फसल बर्बाद हो गई लेकिन सरकार ने भू-राजस्व माफ करने से इंकार कर दिया और किसानों से मालगुजारी वसूल करने की प्रक्रिया जारी रखी। फलस्वरूप गाँधी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ किसानों का समर्थन किया और किसानों को राजस्व अदा न करने तथा सरकार के दमनकारी कानून के खिलाफ संघर्ष करने की सलाह दी। यह सत्याग्रह जून 1918 ई. तक चला और अन्तत: सरकार ने किसानों की मांगो को मान लिया।
C. चंपारण के किसान आन्दोलन (1917 ई.) के बाद खेड़ा (गुजरात) में भी 1918 ई. में एक किसान आन्दोलन हुआ। वर्ष 1918 ई. में भीषण दुर्भिक्ष के कारण गुजरात के खेड़ा जिले में पूरी फसल बर्बाद हो गई लेकिन सरकार ने भू-राजस्व माफ करने से इंकार कर दिया और किसानों से मालगुजारी वसूल करने की प्रक्रिया जारी रखी। फलस्वरूप गाँधी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ किसानों का समर्थन किया और किसानों को राजस्व अदा न करने तथा सरकार के दमनकारी कानून के खिलाफ संघर्ष करने की सलाह दी। यह सत्याग्रह जून 1918 ई. तक चला और अन्तत: सरकार ने किसानों की मांगो को मान लिया।

Explanations:

चंपारण के किसान आन्दोलन (1917 ई.) के बाद खेड़ा (गुजरात) में भी 1918 ई. में एक किसान आन्दोलन हुआ। वर्ष 1918 ई. में भीषण दुर्भिक्ष के कारण गुजरात के खेड़ा जिले में पूरी फसल बर्बाद हो गई लेकिन सरकार ने भू-राजस्व माफ करने से इंकार कर दिया और किसानों से मालगुजारी वसूल करने की प्रक्रिया जारी रखी। फलस्वरूप गाँधी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ किसानों का समर्थन किया और किसानों को राजस्व अदा न करने तथा सरकार के दमनकारी कानून के खिलाफ संघर्ष करने की सलाह दी। यह सत्याग्रह जून 1918 ई. तक चला और अन्तत: सरकार ने किसानों की मांगो को मान लिया।