Correct Answer:
Option B - ‘खड़ी बोली’ का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। विकल्पों में दिये गये सभी अपभ्रंशों से विकसित शौरसेनी बोलियों का विवरण इस प्रकार है।
मागधी → बिहारी, बांग्ला, उडि़या,असमिया
शौरसेनी → पश्चिमी हिन्दी- खड़ी बोली, ब्रजभाषा, हरियाणवी, बुंदेली, कन्नौजी
अर्धमागधी → पूर्वी हिंदी- बघेली, छत्तीसगढ़ी, अवधी
ब्राचड़ → सिन्धी
B. ‘खड़ी बोली’ का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है। विकल्पों में दिये गये सभी अपभ्रंशों से विकसित शौरसेनी बोलियों का विवरण इस प्रकार है।
मागधी → बिहारी, बांग्ला, उडि़या,असमिया
शौरसेनी → पश्चिमी हिन्दी- खड़ी बोली, ब्रजभाषा, हरियाणवी, बुंदेली, कन्नौजी
अर्धमागधी → पूर्वी हिंदी- बघेली, छत्तीसगढ़ी, अवधी
ब्राचड़ → सिन्धी