Correct Answer:
Option A - ‘खड़ी बोली’ हिन्दी का प्रथम महाकाव्य अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध द्वारा रचित ‘प्रियप्रवास’ है। इसका प्रकाशन 1914 ई. में हुआ था। इसमें 17 सर्ग हैं। इस महाकाव्य में कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है। ‘रामचरितमानस’ के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास जी हैं तथा ‘कामायनी’ काव्यकृति के रचनाकार जयशंकर प्रसाद जी हैं।
A. ‘खड़ी बोली’ हिन्दी का प्रथम महाकाव्य अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध द्वारा रचित ‘प्रियप्रवास’ है। इसका प्रकाशन 1914 ई. में हुआ था। इसमें 17 सर्ग हैं। इस महाकाव्य में कृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा प्रस्थान तक का वर्णन है। ‘रामचरितमानस’ के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास जी हैं तथा ‘कामायनी’ काव्यकृति के रचनाकार जयशंकर प्रसाद जी हैं।