Correct Answer:
Option B - ‘कविकण्ठाभरण’ के रचनाकार ‘क्षेमेन्द्र’ हैं। औचित्य विचार चर्चा, सुवृत्त तिलक और दशावतार चरित भी क्षेमेन्द्र की रचनाएँ हैं। क्षेमेन्द्र को औचित्य संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। दण्डी का ‘काव्यादर्श’ और धनंजय के ग्रंथ का नाम ‘दशरूपक’ है।
B. ‘कविकण्ठाभरण’ के रचनाकार ‘क्षेमेन्द्र’ हैं। औचित्य विचार चर्चा, सुवृत्त तिलक और दशावतार चरित भी क्षेमेन्द्र की रचनाएँ हैं। क्षेमेन्द्र को औचित्य संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। दण्डी का ‘काव्यादर्श’ और धनंजय के ग्रंथ का नाम ‘दशरूपक’ है।