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Q: कठोपनिषदनुसारं महत: परं किमस्ति?
  • A. मन:
  • B. अव्यक्तम्
  • C. पुरुष:
  • D. आत्मा
Correct Answer: Option B - कठोपनिषद् के अनुसार महत् से परे अव्यक्त कहा गया है। यह कठोपनिषद् के प्रथम अध्याय के तृतीय वल्ली का 11वाँ मन्त्र है। ‘महत: परमव्यक्तात्पुरुष: पर: । पुरुषान्न परं किंचित्सा काष्ठा सा परा गति:। कठो01/3/11
B. कठोपनिषद् के अनुसार महत् से परे अव्यक्त कहा गया है। यह कठोपनिषद् के प्रथम अध्याय के तृतीय वल्ली का 11वाँ मन्त्र है। ‘महत: परमव्यक्तात्पुरुष: पर: । पुरुषान्न परं किंचित्सा काष्ठा सा परा गति:। कठो01/3/11

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कठोपनिषद् के अनुसार महत् से परे अव्यक्त कहा गया है। यह कठोपनिषद् के प्रथम अध्याय के तृतीय वल्ली का 11वाँ मन्त्र है। ‘महत: परमव्यक्तात्पुरुष: पर: । पुरुषान्न परं किंचित्सा काष्ठा सा परा गति:। कठो01/3/11