Correct Answer:
Option B - कठोपनिषद् के अनुसार महत् से परे अव्यक्त कहा गया है। यह कठोपनिषद् के प्रथम अध्याय के तृतीय वल्ली का 11वाँ मन्त्र है।
‘महत: परमव्यक्तात्पुरुष: पर: ।
पुरुषान्न परं किंचित्सा काष्ठा सा परा गति:। कठो01/3/11
B. कठोपनिषद् के अनुसार महत् से परे अव्यक्त कहा गया है। यह कठोपनिषद् के प्रथम अध्याय के तृतीय वल्ली का 11वाँ मन्त्र है।
‘महत: परमव्यक्तात्पुरुष: पर: ।
पुरुषान्न परं किंचित्सा काष्ठा सा परा गति:। कठो01/3/11