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Q: कठोपनिषद् में ‘सृङ्का’ का अर्थ है–
  • A. प्रवालजटित माला
  • B. तुलसीमाला
  • C. रुद्राक्षमाला
  • D. अकुत्सित कर्ममयी गति
Correct Answer: Option D - अकुत्सित कर्ममयी गति को कठोपनिषद् में ‘सृङ्का’ कहा गया है अर्थात् सृङ्का • अकुत्सित कर्ममयी गति।
D. अकुत्सित कर्ममयी गति को कठोपनिषद् में ‘सृङ्का’ कहा गया है अर्थात् सृङ्का • अकुत्सित कर्ममयी गति।

Explanations:

अकुत्सित कर्ममयी गति को कठोपनिषद् में ‘सृङ्का’ कहा गया है अर्थात् सृङ्का • अकुत्सित कर्ममयी गति।