Correct Answer:
Option A - भारत का सामान्य ढाल पश्चिम से पूरब है। फलस्वरूप बरसात का जल पूर्वी तटीय मैदान तथा मध्य एवं निचले गंगा मैदान में एकत्र होकर बाढ़ का कारण बनता है। सतलज-व्यास संगम क्षेत्र, गंगा के मैदान की नदियों के किनारे एवं उनके संगम का क्षेत्र तथा पूर्वी तट के डेल्टा प्रदेश ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ बाढ़ लगभग प्रतिवर्ष आती है। बाढ़ के कारणों में मुख्यत: वननाशन, नदियों का अवसादन, बांधों का निर्माण आदि प्रमुख हैं। वननाशन से वर्षा ऋतु में मृदा अपरदन अधिक होता है, जो नदियों के गहराई को कम कर देता है, जिससे बाढ़ की बारंबारता बढ़ जाती है।
A. भारत का सामान्य ढाल पश्चिम से पूरब है। फलस्वरूप बरसात का जल पूर्वी तटीय मैदान तथा मध्य एवं निचले गंगा मैदान में एकत्र होकर बाढ़ का कारण बनता है। सतलज-व्यास संगम क्षेत्र, गंगा के मैदान की नदियों के किनारे एवं उनके संगम का क्षेत्र तथा पूर्वी तट के डेल्टा प्रदेश ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ बाढ़ लगभग प्रतिवर्ष आती है। बाढ़ के कारणों में मुख्यत: वननाशन, नदियों का अवसादन, बांधों का निर्माण आदि प्रमुख हैं। वननाशन से वर्षा ऋतु में मृदा अपरदन अधिक होता है, जो नदियों के गहराई को कम कर देता है, जिससे बाढ़ की बारंबारता बढ़ जाती है।