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Q: कथन (A) : खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुस्लिम को राष्ट्रीय आन्दोलन के घेरे में ला दिया। कारण (R) : राष्ट्रीय और खिलाफत दोनों आन्दोलनों में साम्राज्यवाद विरोध एक प्रबल तत्व था। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
  • A. (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है
  • C. ( A) सही है, परन्तु (R) गलत है
  • D. (A) गलत है, परन्तु (R) सही है
Correct Answer: Option A - प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय मुसलमानों ने मित्र देशों के विरुद्ध लड़ रहे तुर्की के खिलाफ अंग्रेजों को इस शर्त पर सहायता व समर्थन दिया था कि युद्ध के बाद तुर्की साम्राज्य का विघटन नहीं किया जायेगा। परन्तु वादे के विपरीत युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने तुर्की साम्राज्य को विघटित करने का निश्चय किया। इनकी तीव्र प्रतिक्रिया में अली बंधुओं (मुहम्मद अली तथा शौकत अली) के नेतृत्व में खिलाफत आन्दोलन प्रारम्भ हो गया। खिलाफत आन्दोलन ने उस समय अधिक जोर पकड़ लिया जब उसमें गाँधी जी शामिल हो गये। गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन को हिन्दू- मुस्लिम एकता तथा तत्कालीन राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन में मुस्लिमों की भागीदारी का सुनहरा अवसर माना। राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन तथा खिलाफत आन्दोलन दोनों में एकता का प्रमुख तत्व इनका ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी होना था। ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं के कारण ही खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुसलमानों को राष्ट्रीय आन्दोलन में भागीदारी हेतु प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप 1920 के असहयोग आन्दोलन में पढ़े-लिखे मुसलमानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अत: कथन एवं कारण सही है एवं कारण (R) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
A. प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय मुसलमानों ने मित्र देशों के विरुद्ध लड़ रहे तुर्की के खिलाफ अंग्रेजों को इस शर्त पर सहायता व समर्थन दिया था कि युद्ध के बाद तुर्की साम्राज्य का विघटन नहीं किया जायेगा। परन्तु वादे के विपरीत युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने तुर्की साम्राज्य को विघटित करने का निश्चय किया। इनकी तीव्र प्रतिक्रिया में अली बंधुओं (मुहम्मद अली तथा शौकत अली) के नेतृत्व में खिलाफत आन्दोलन प्रारम्भ हो गया। खिलाफत आन्दोलन ने उस समय अधिक जोर पकड़ लिया जब उसमें गाँधी जी शामिल हो गये। गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन को हिन्दू- मुस्लिम एकता तथा तत्कालीन राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन में मुस्लिमों की भागीदारी का सुनहरा अवसर माना। राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन तथा खिलाफत आन्दोलन दोनों में एकता का प्रमुख तत्व इनका ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी होना था। ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं के कारण ही खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुसलमानों को राष्ट्रीय आन्दोलन में भागीदारी हेतु प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप 1920 के असहयोग आन्दोलन में पढ़े-लिखे मुसलमानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अत: कथन एवं कारण सही है एवं कारण (R) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।

Explanations:

प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय मुसलमानों ने मित्र देशों के विरुद्ध लड़ रहे तुर्की के खिलाफ अंग्रेजों को इस शर्त पर सहायता व समर्थन दिया था कि युद्ध के बाद तुर्की साम्राज्य का विघटन नहीं किया जायेगा। परन्तु वादे के विपरीत युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने तुर्की साम्राज्य को विघटित करने का निश्चय किया। इनकी तीव्र प्रतिक्रिया में अली बंधुओं (मुहम्मद अली तथा शौकत अली) के नेतृत्व में खिलाफत आन्दोलन प्रारम्भ हो गया। खिलाफत आन्दोलन ने उस समय अधिक जोर पकड़ लिया जब उसमें गाँधी जी शामिल हो गये। गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन को हिन्दू- मुस्लिम एकता तथा तत्कालीन राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन में मुस्लिमों की भागीदारी का सुनहरा अवसर माना। राष्ट्रीय असहयोग आन्दोलन तथा खिलाफत आन्दोलन दोनों में एकता का प्रमुख तत्व इनका ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी होना था। ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी भावनाओं के कारण ही खिलाफत आन्दोलन ने शहरी मुसलमानों को राष्ट्रीय आन्दोलन में भागीदारी हेतु प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप 1920 के असहयोग आन्दोलन में पढ़े-लिखे मुसलमानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अत: कथन एवं कारण सही है एवं कारण (R) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।