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Q: कूट कथन (A) : प्रायद्वीपीय भारत (Penisular India) की पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों के डेल्टा नहीं हैं। कारण (R) : ये नदियाँ अपने साथ जलोढ़ अवसाद (Alluvial sediments) नहीं लाती हैं। कूट :
  • A. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है
  • B. A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
  • C. A सही है परन्तु R गलत है
  • D. A गलत है परन्तु R सही है
Correct Answer: Option A - पर्वतीय क्षेत्र की नदियाँ अपने साथ भारी मात्रा में अवसादों को ले जाने के कारण नदियों के मुख पर डेल्टा का निर्माण करती हैं। जैसे- गंगा, ब्रह्मपुत्र इत्यादि। जबकि प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ जो अरब सागर (खम्भात की खाड़ी) में गिरती हैं। जैसे—नर्मदा तथा ताप्ती, एश्चुअरी का निर्माण करती हैं। भ्रंश घाटी में बहाव के कारण इनमें अवसाद का अभाव होता है। अत: स्पष्ट है कि (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
A. पर्वतीय क्षेत्र की नदियाँ अपने साथ भारी मात्रा में अवसादों को ले जाने के कारण नदियों के मुख पर डेल्टा का निर्माण करती हैं। जैसे- गंगा, ब्रह्मपुत्र इत्यादि। जबकि प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ जो अरब सागर (खम्भात की खाड़ी) में गिरती हैं। जैसे—नर्मदा तथा ताप्ती, एश्चुअरी का निर्माण करती हैं। भ्रंश घाटी में बहाव के कारण इनमें अवसाद का अभाव होता है। अत: स्पष्ट है कि (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

Explanations:

पर्वतीय क्षेत्र की नदियाँ अपने साथ भारी मात्रा में अवसादों को ले जाने के कारण नदियों के मुख पर डेल्टा का निर्माण करती हैं। जैसे- गंगा, ब्रह्मपुत्र इत्यादि। जबकि प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ जो अरब सागर (खम्भात की खाड़ी) में गिरती हैं। जैसे—नर्मदा तथा ताप्ती, एश्चुअरी का निर्माण करती हैं। भ्रंश घाटी में बहाव के कारण इनमें अवसाद का अभाव होता है। अत: स्पष्ट है कि (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।