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Q: कृष्णदेव राय ________ वंश से संबंधित थे।
  • A. तुलुव
  • B. सालुव
  • C. गजपति
  • D. संगमा
Correct Answer: Option A - विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक कृष्णदेव राय तुलुव वंश (1505-1570 ई.) से संबंधित है। तुलुव वंश की स्थापना वीर नरसिंह ने की थी। इन्होने सालुव वंश के नरेश इम्माडि नरसिंह की हत्या करके स्वयं विजयनगर साम्राज्य पर अधिकार कर लिया और तुलुव वंश की स्थापना की। कृष्णदेव राय अगस्त 1509 ई. को शासक बना तथा सालुव तिम्मा, कृष्णदेव राय का योग्य मंत्री एवं सेनापति था। बाबर ने अपनी आत्मकथा में कृष्णदेव राय को भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक बताया। कृष्णादेव राय के दरबार में तेलुगू साहित्य के 8 विद्धान रहते थे, जिन्हे अष्टदिग्गज कहा जाता था। इनके शासनकाल को तेलुगू साहित्य का क्लासिकल युग कहा जाता है।
A. विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक कृष्णदेव राय तुलुव वंश (1505-1570 ई.) से संबंधित है। तुलुव वंश की स्थापना वीर नरसिंह ने की थी। इन्होने सालुव वंश के नरेश इम्माडि नरसिंह की हत्या करके स्वयं विजयनगर साम्राज्य पर अधिकार कर लिया और तुलुव वंश की स्थापना की। कृष्णदेव राय अगस्त 1509 ई. को शासक बना तथा सालुव तिम्मा, कृष्णदेव राय का योग्य मंत्री एवं सेनापति था। बाबर ने अपनी आत्मकथा में कृष्णदेव राय को भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक बताया। कृष्णादेव राय के दरबार में तेलुगू साहित्य के 8 विद्धान रहते थे, जिन्हे अष्टदिग्गज कहा जाता था। इनके शासनकाल को तेलुगू साहित्य का क्लासिकल युग कहा जाता है।

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विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक कृष्णदेव राय तुलुव वंश (1505-1570 ई.) से संबंधित है। तुलुव वंश की स्थापना वीर नरसिंह ने की थी। इन्होने सालुव वंश के नरेश इम्माडि नरसिंह की हत्या करके स्वयं विजयनगर साम्राज्य पर अधिकार कर लिया और तुलुव वंश की स्थापना की। कृष्णदेव राय अगस्त 1509 ई. को शासक बना तथा सालुव तिम्मा, कृष्णदेव राय का योग्य मंत्री एवं सेनापति था। बाबर ने अपनी आत्मकथा में कृष्णदेव राय को भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक बताया। कृष्णादेव राय के दरबार में तेलुगू साहित्य के 8 विद्धान रहते थे, जिन्हे अष्टदिग्गज कहा जाता था। इनके शासनकाल को तेलुगू साहित्य का क्लासिकल युग कहा जाता है।