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Q: ‘‘कृष्णसर्प:’’ पद का समास विग्रह है
  • A. कृष्णस्य सर्प:
  • B. कृष्णाय सर्प:
  • C. कृष्ण: सर्प:
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - ‘‘कृष्णसर्प:’’ पद का समास विग्रह ‘कृष्ण: सर्प:’ है कृष्णसर्प: कर्मधारय समास का उदाहरण है। ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम्-विशेषण और विशेष्य का जो समास होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं कर्मधारय समास में दोनों पदों की एक ही विभक्ति होती है। कृष्णसर्प: - कृष्ण: सर्प: नीलोत्पलम् - नीलम् उत्पलम्
C. ‘‘कृष्णसर्प:’’ पद का समास विग्रह ‘कृष्ण: सर्प:’ है कृष्णसर्प: कर्मधारय समास का उदाहरण है। ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम्-विशेषण और विशेष्य का जो समास होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं कर्मधारय समास में दोनों पदों की एक ही विभक्ति होती है। कृष्णसर्प: - कृष्ण: सर्प: नीलोत्पलम् - नीलम् उत्पलम्

Explanations:

‘‘कृष्णसर्प:’’ पद का समास विग्रह ‘कृष्ण: सर्प:’ है कृष्णसर्प: कर्मधारय समास का उदाहरण है। ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम्-विशेषण और विशेष्य का जो समास होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं कर्मधारय समास में दोनों पदों की एक ही विभक्ति होती है। कृष्णसर्प: - कृष्ण: सर्प: नीलोत्पलम् - नीलम् उत्पलम्