Correct Answer:
Option A - किशोर ‘दुश्चिंता और स्वयं से सरोकार’ का अनुभव कर सकते हैं। वह अपने रंग-रूप, स्वास्थ्य, मान-सम्मान, आर्थिक स्थिति, सामाजिक स्वीकृत, शैक्षिक प्रगति भावी व्यवस्था आदि के प्रति सदैव व्यग्र रहते हैं।
A. किशोर ‘दुश्चिंता और स्वयं से सरोकार’ का अनुभव कर सकते हैं। वह अपने रंग-रूप, स्वास्थ्य, मान-सम्मान, आर्थिक स्थिति, सामाजिक स्वीकृत, शैक्षिक प्रगति भावी व्यवस्था आदि के प्रति सदैव व्यग्र रहते हैं।