Correct Answer:
Option B - `कला वाह्य प्रभाव की आन्तरिक अभिव्यक्ति है’ क्रोंचे इटली का एक आत्मवादी दार्शनिक था। उसने अनेकानेक विषयों पर लिखा जिनमें दर्शन, इतिहास, सौन्दर्यशास्त्र आदि प्रमुख है। वह उदारवादी विचारक था।
B. `कला वाह्य प्रभाव की आन्तरिक अभिव्यक्ति है’ क्रोंचे इटली का एक आत्मवादी दार्शनिक था। उसने अनेकानेक विषयों पर लिखा जिनमें दर्शन, इतिहास, सौन्दर्यशास्त्र आदि प्रमुख है। वह उदारवादी विचारक था।