Correct Answer:
Option D - चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध 1799 ई. के बाद मैसूर राज्य को सहायक राज्य बनने के लिए बाध्य किया गया था। 1798 ई. में लार्ड वैलेजली गर्वनर- जनरल बनकर आया तथा उसने टीपू पर आरोप लगाया कि वह फ्रांसीसी, निजाम, मराठों और अन्य विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध षड्यंत्र रच रहा है। 1799 ई. में टीपू पर आक्रमण किया गया जिससे टीपू वीरगति को प्राप्त हुआ, इसे ही चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध कहा जाता है। मैसूर का राज्य वडियार वंश को सौंप दिया गया तथा इस प्रकार मैसूर राज्य पर वैलेजली ने सहायक संधि थोप दी।
D. चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध 1799 ई. के बाद मैसूर राज्य को सहायक राज्य बनने के लिए बाध्य किया गया था। 1798 ई. में लार्ड वैलेजली गर्वनर- जनरल बनकर आया तथा उसने टीपू पर आरोप लगाया कि वह फ्रांसीसी, निजाम, मराठों और अन्य विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध षड्यंत्र रच रहा है। 1799 ई. में टीपू पर आक्रमण किया गया जिससे टीपू वीरगति को प्राप्त हुआ, इसे ही चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध कहा जाता है। मैसूर का राज्य वडियार वंश को सौंप दिया गया तथा इस प्रकार मैसूर राज्य पर वैलेजली ने सहायक संधि थोप दी।