Correct Answer:
Option A - 1878 ई. में लार्ड लिटन ने भाषाई आधार पर प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया था। 1857 ई. के विद्रोह के बाद प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति रवैया बदल गया। क्रुद्ध अंग्रेजों ने ‘देसी प्रेस’ का मुँह बंद करने के लिए आइरिश प्रेस कानून के तर्ज पर 1878 ई. में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लागू कर दिया। इससे सरकार को भाषाई प्रेस में छपी रपट तथा सम्पादक को प्रतिबंन्धित करने का व्यापक हक मिल गया।
A. 1878 ई. में लार्ड लिटन ने भाषाई आधार पर प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया था। 1857 ई. के विद्रोह के बाद प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति रवैया बदल गया। क्रुद्ध अंग्रेजों ने ‘देसी प्रेस’ का मुँह बंद करने के लिए आइरिश प्रेस कानून के तर्ज पर 1878 ई. में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लागू कर दिया। इससे सरकार को भाषाई प्रेस में छपी रपट तथा सम्पादक को प्रतिबंन्धित करने का व्यापक हक मिल गया।