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Q: किस शिलालेख में अशोक ने `त्रिरत्न’ में अपना विश्वास प्रकट किया है?
  • A. मस्की
  • B. कल्सी
  • C. भाब्रू
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - सम्राट अशोक के भाब्रू शिलालेख को जयपुर के निकट विराट नगर से खोजा गया, जिसमें अशोक के द्वारा बौद्ध धर्म के त्रिरत्नों (बौद्ध, धम्म, संघ) में अपनी आस्था व विश्वास प्रकट किया गया है। इसी अभिलेख में अशोक स्वयं को मगध का राजा (मगधाधिराज) कहता है। सोहगौरा अभिलेख में अकाल का उल्लेख मिलता हैं। अशोक के 13वेें शिलालेख में कलिंग विजय का वर्णन मिलता है। सामान्यत: अशोक अपने अभिलेखों में प्रियदर्शी नाम से जाना जाता है। अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा था। अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा में पाए गए हैं।
C. सम्राट अशोक के भाब्रू शिलालेख को जयपुर के निकट विराट नगर से खोजा गया, जिसमें अशोक के द्वारा बौद्ध धर्म के त्रिरत्नों (बौद्ध, धम्म, संघ) में अपनी आस्था व विश्वास प्रकट किया गया है। इसी अभिलेख में अशोक स्वयं को मगध का राजा (मगधाधिराज) कहता है। सोहगौरा अभिलेख में अकाल का उल्लेख मिलता हैं। अशोक के 13वेें शिलालेख में कलिंग विजय का वर्णन मिलता है। सामान्यत: अशोक अपने अभिलेखों में प्रियदर्शी नाम से जाना जाता है। अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा था। अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा में पाए गए हैं।

Explanations:

सम्राट अशोक के भाब्रू शिलालेख को जयपुर के निकट विराट नगर से खोजा गया, जिसमें अशोक के द्वारा बौद्ध धर्म के त्रिरत्नों (बौद्ध, धम्म, संघ) में अपनी आस्था व विश्वास प्रकट किया गया है। इसी अभिलेख में अशोक स्वयं को मगध का राजा (मगधाधिराज) कहता है। सोहगौरा अभिलेख में अकाल का उल्लेख मिलता हैं। अशोक के 13वेें शिलालेख में कलिंग विजय का वर्णन मिलता है। सामान्यत: अशोक अपने अभिलेखों में प्रियदर्शी नाम से जाना जाता है। अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम जेम्स प्रिंसेप ने पढ़ा था। अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा में पाए गए हैं।