search
Q: किस समास में उभयपद प्रधान होते हैं?
  • A. कर्मधारयसमास में
  • B. द्विगुसमास में
  • C. द्वन्द्वसमास में
  • D. तत्पुरुषसमास में
Correct Answer: Option C - ‘प्रायेणोभय पदार्थ प्रधानों द्वन्द्व: पञ्चम:’ अर्थात् जिस समास में प्राय: दोनों पदों का अर्थ प्रधान हो वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे – शिवकेशवौ। तत्पुरूष में तो प्राय: उत्तर पद का अर्थ प्रधान होता है। प्रायेणोत्तर पदार्थप्रधानस्तत्पुरुषस्तृतीय:। तत्पुरुष का ही एक भेद कर्मधारय है तथा कर्मधारय का ही एक भेद द्विगु समास है।
C. ‘प्रायेणोभय पदार्थ प्रधानों द्वन्द्व: पञ्चम:’ अर्थात् जिस समास में प्राय: दोनों पदों का अर्थ प्रधान हो वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे – शिवकेशवौ। तत्पुरूष में तो प्राय: उत्तर पद का अर्थ प्रधान होता है। प्रायेणोत्तर पदार्थप्रधानस्तत्पुरुषस्तृतीय:। तत्पुरुष का ही एक भेद कर्मधारय है तथा कर्मधारय का ही एक भेद द्विगु समास है।

Explanations:

‘प्रायेणोभय पदार्थ प्रधानों द्वन्द्व: पञ्चम:’ अर्थात् जिस समास में प्राय: दोनों पदों का अर्थ प्रधान हो वह द्वन्द्व समास होता है। जैसे – शिवकेशवौ। तत्पुरूष में तो प्राय: उत्तर पद का अर्थ प्रधान होता है। प्रायेणोत्तर पदार्थप्रधानस्तत्पुरुषस्तृतीय:। तत्पुरुष का ही एक भेद कर्मधारय है तथा कर्मधारय का ही एक भेद द्विगु समास है।