Correct Answer:
Option C - शृंगार रस को कार्य व्यापार की व्यापकता के कारण रस राज की संज्ञा दी गई है। इसके मुख्यत: दो भेद हैं- (a) संयोग (संयोग) शृंगार (b) वियोग (विप्रलम्भ) शृंगार। वियोग शृंगार के चार भेद माने गए है- (a) पूर्वानुराग (b) मान (c) प्रवास (d) करुण विप्रलंभ।
C. शृंगार रस को कार्य व्यापार की व्यापकता के कारण रस राज की संज्ञा दी गई है। इसके मुख्यत: दो भेद हैं- (a) संयोग (संयोग) शृंगार (b) वियोग (विप्रलम्भ) शृंगार। वियोग शृंगार के चार भेद माने गए है- (a) पूर्वानुराग (b) मान (c) प्रवास (d) करुण विप्रलंभ।