Correct Answer:
Option D - मुद्राराक्षस की रचना विशाखदत्त ने की थी। इस ग्रन्थ से मौर्य इतिहास, मुख्यत: चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन पर प्रकाश पड़ता है। इसमें चन्द्रगुप्त मौर्य को ‘वृषल’ तथा ‘कुलहीन’ कहा गया है।
D. मुद्राराक्षस की रचना विशाखदत्त ने की थी। इस ग्रन्थ से मौर्य इतिहास, मुख्यत: चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन पर प्रकाश पड़ता है। इसमें चन्द्रगुप्त मौर्य को ‘वृषल’ तथा ‘कुलहीन’ कहा गया है।