Correct Answer:
Option D - ‘बरवैछंद’ में बारह और सात की यति से कुल उन्नीस (19) मात्राएँ होती हैं। यह अर्द्ध सममात्रिक छंद है। इसके विषम चरणों में 12-12 मात्राएँ और समचरणों में 7-7 मात्राएँ होती हैं और समचरणों के अन्त में प्राय: जगण या तगण आता है।
D. ‘बरवैछंद’ में बारह और सात की यति से कुल उन्नीस (19) मात्राएँ होती हैं। यह अर्द्ध सममात्रिक छंद है। इसके विषम चरणों में 12-12 मात्राएँ और समचरणों में 7-7 मात्राएँ होती हैं और समचरणों के अन्त में प्राय: जगण या तगण आता है।