Correct Answer:
Option C - छप्पय’ में चार से अधिक चरण होते हैं। यह विषम मात्रिक और संयुक्त छन्द है जैसा इसके नाम से स्पष्ट है, इस छन्द में छह चरण होते हैं। प्रथम चार चरण रोला के और शेष दो चरण उल्लाला के, प्रथम-द्वितीय और तृतीय-चतुर्थ के योग होते हैं। छप्पय में उल्लाला के सम-विषम (प्रथम-द्वितीय और तृतीय-चतुर्थ) चरण का योग 15 + 13 = 28 मात्राओं वाला ही अधिक प्रचलित है।
C. छप्पय’ में चार से अधिक चरण होते हैं। यह विषम मात्रिक और संयुक्त छन्द है जैसा इसके नाम से स्पष्ट है, इस छन्द में छह चरण होते हैं। प्रथम चार चरण रोला के और शेष दो चरण उल्लाला के, प्रथम-द्वितीय और तृतीय-चतुर्थ के योग होते हैं। छप्पय में उल्लाला के सम-विषम (प्रथम-द्वितीय और तृतीय-चतुर्थ) चरण का योग 15 + 13 = 28 मात्राओं वाला ही अधिक प्रचलित है।